कौन हैं सुरेंद्र दिलेर? योगी कैबिनेट में बनेंगे मंत्री, 3 पीढ़ियों का साथ और PDA की काट; जानें रणनीति

कौन हैं सुरेंद्र दिलेर? योगी कैबिनेट में बनेंगे मंत्री, 3 पीढ़ियों का साथ और PDA की काट; जानें रणनीति

Who is Surendra Diler?

Who is Surendra Diler?

अलीगढ़। Who is Surendra Diler?: योगी कैबिनेट में खैर विधानसभा सीट से युवा विधायक सुरेंद्र दिलेर को जगह मिली है। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट विस्तार में उनका नाम चल रहा था। शपथ के लिए जारी हुए पत्र में उनका नाम शामिल है।

भाजपा की पीडीए को चुनौती देने की तैयारी

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियों के बीच खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर का नाम सामने आते ही जिले की सियासत में अचानक हलचल तेज हो गई थी। इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जातीय राजनीति और विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को चुनौती देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

दलित और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को एक साथ साधने की कोशिश

प्रदेश की राजनीति में पीडीए एक बड़ा राजनीतिक विमर्श बनकर उभरा है, जिसमें दलित और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को एक साथ साधने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सुरेंद्र दिलेर का नाम मंत्री पद में सामने आना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह दलित वर्ग, विशेषकर वाल्मीकि समाज में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है।

योगी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं खैर से विधायक

जिस खैर विधानसभा सीट से सुरेंद्र दिलेर विधायक हैं, उसी सीट से मौजूदा हाथरस सांसद अनूप प्रधान विधायक रहते हुए योगी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं।

सुरेंद्र दिलेर का राजनीतिक सफर

सुरेंद्र दिलेर का राजनीतिक सफर भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दादा बाबा किशनलाल दिलेर छह बार विधायक और चार बार सांसद रहे, जबकि उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर भाजपा से हाथरस सांसद और इगलास के विधायक रह चुके थे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राजवीर सिंह दिलेर का निधन हो गया। इसके बाद पार्टी ने तीसरी पीढ़ी पर भरोसा जताते हुए सुरेंद्र दिलेर को खैर उपचुनाव में अनूप प्रधान की जगह मैदान में उतारा।

सपा प्रत्याशी चारू कैन को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की

नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में सुरेंद्र दिलेर ने सपा प्रत्याशी चारू कैन को 38,393 मतों से हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की दीर्घकालिक सामाजिक समीकरण रणनीति का हिस्सा मानते हैं।

पश्चिमी यूपी में बढ़ेगी मजबूती 

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह परिवार और दिलेर परिवार के राजनीतिक सफर में भी कई समानताएं देखी जा रही हैं। दोनों परिवारों की तीन-तीन पीढ़ियां सक्रिय राजनीति में रही हैं। कल्याण सिंह सांसद व विधायक रहे, उनके पुत्र भी सांसद-विधायक बने और तीसरी पीढ़ी में संदीप सिंह विधायक से मंत्री बने। इसी तरह किशनलाल दिलेर के बाद दूसरी पीढ़ी में राजवीर सिंह दिलेर सांसद-विधायक बने और अब तीसरी पीढ़ी में सुरेंद्र दिलेर विधायक हैं। भाजपा संगठन के स्थानीय नेताओं का मानना है कि इससे पश्चिमी यूपी में अनुसूचित जाति वर्ग में पार्टी को राजनीतिक मजबूती मिलेगी। वहीं जिले को भी सरकार में एक और प्रतिनिधित्व मिल सकता है।